NSE IPO allotment: एनएसई आईपीओ आवंटन स्थिति को 22 सितंबर 2026 को अंतिम रूप दिया जाना है। रिफंड 23 सितंबर 2026 को शुरू किया जाएगा और शेयर 23 सितंबर 2026 को डीमैट खाते में जमा किए जाएंगे। एनएसई आईपीओ 24 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध होगा।
एनएसई आईपीओ को कुल मिलाकर 5.71 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिसमें QIB 12.68 गुना, NII 6.55 गुना और रिटेल में 1.39 गुना और EMP 2.40 गुना है। एनएसई आईपीओ को BSE और NSE पर सूचीबद्ध (List) किया जाना है। आप यहां एनएसई आईपीओ का जीएमपी देख सकते हैं।
NSE IPO Allotment: ऑनलाइन जांचें
एनएसई आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशक इस आईपीओ के रजिस्ट्रार, MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवंटन की स्थिति की जांच कर सकते हैं ।
एनएसई के आईपीओ आवंटन की स्थिति जानने के लिए, नीचे दिए गए चरणों का पालन करें…
- नीचे दिए गए आवंटन स्थिति जांच बटन पर क्लिक करें।
- कंपनी का नाम चुनें।
- आईपीओ आवंटन की स्थिति जांचने के लिए अपना (कोई भी मान्य प्रमाण) पैन नंबर, आवेदन संख्या या डीपी क्लाइंट आईडी दर्ज करें।
- खोज पर क्लिक करें।
नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके आप एनएसई के आईपीओ आवंटन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
आवंटन प्रक्रिया (Allotment Process)
- सदस्यता अवधि की समाप्ति : आईपीओ सदस्यता विंडो समाप्त होने के बाद, कंपनी या उसका रजिस्ट्रार आवंटन प्रक्रिया शुरू कर देता है।
- ओवरसब्सक्रिप्शन से निपटने का तरीका : यदि आईपीओ ओवरसब्सक्राइब हो जाता है, तो शेयरों का आवंटन या तो लॉटरी के आधार पर या आनुपातिक आवंटन विधि के माध्यम से किया जाता है।
- आवंटन घोषणा : आवंटन प्रक्रिया के बाद, रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट, बीएसई, एनएसई या कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से आईपीओ आवंटन की स्थिति की घोषणा करेगा।
- वापसी प्रक्रिया : यदि किसी निवेशक को कोई शेयर आवंटित नहीं किया जाता है या आंशिक आवंटन प्राप्त होता है, तो शेष आवेदन राशि वापस कर दी जाती है। यह राशि निवेशक के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
- शेयरों का डीमैट खाते में जमा होना : यदि निवेशक को शेयर आवंटित किए जाते हैं, तो लिस्टिंग तिथि से पहले शेयर उनके डीमैट खाते में जमा कर दिए जाते हैं।
आईपीओ आवंटन का महत्व (Importance)
आईपीओ आवंटन की स्थिति निवेशकों को उनके आवेदन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। इससे निवेशकों को निम्नलिखित बातें समझने में मदद मिलती है:
- शेयर आवंटन : इससे यह निर्धारित होता है कि उन्हें उतने शेयर मिले हैं जितने के लिए उन्होंने आवेदन किया था या उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया है।
- निवेश संबंधी निर्णय : यह स्थिति निवेशकों को यह तय करने की अनुमति भी देती है कि वे शेयरों के स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने से पहले लिस्टिंग में भाग लेना चाहते हैं या उससे बाहर निकलना चाहते हैं।
- रिफंड विवरण : यदि शेयर आवंटित नहीं किए जाते हैं, तो स्टेटस निवेशकों को उनके आवेदन की राशि की वापसी के संबंध में भी विवरण प्रदान करता है।
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